Tuesday, April 16, 2024

Coronavirus का ऐसा खौफ, छोटे से अंधेरे कमरे में 15 महीने तक बंद रही ये फैमिली

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हैदराबाद: आंध्र प्रदेश में एक परिवार अपने पड़ोसी की मौत से इतना डर गया कि इन लोगों ने 15 महीने से भी ज्यादा समय तक खुद को एक अंधेरे कमरे में बंद करके रखा. 

सिर्फ जरूरी सामान लाने के लिए ही घर से निकलते थे

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार में माता-पिता के अलावा एक बेटा और दो बेटियां हैं. 15 महीने से ज्यादा समय से मां और दोनों बेटियां घर से बाहर नहीं निकली थीं जबकि पिता और बेटा भी सिर्फ जरूरी सामान लाने के लिए ही घर से निकलते थे.

डर की वजह से कमरे में बंद हुए

ईस्ट गोदावरी पुलिस ने तीनों महिलाओं को ​रेस्क्यू किया है जिन्होंने डर के मारे खुद को एक छोटे से अंधेरे कमरे में बंद कर लिया था. ये तीनों पिछले साल कोरोना महामारी की शुरुआत से ही ऐसे रह रहे थे. 

फिलहाल  ​डिप्रेशन में तीनों महिलाएं

पुलिस के मुताबिक, लंबे समय तक इस तरह रहने की वजह से ये लोग ​डिप्रेशन में हैं. 

ये मामला तब सामने आया, जब रैजोल के कदाली गांव के कुछ वॉलेंटियर्स को पता चला कि ये परिवार अपने घर से बाहर नहीं निकलता और घर की महिलाओं को कई महीनों से नहीं देखा गया. 

पड़ोसी की मौत देखकर हुआ ये हाल

50 साल के जॉन बेन्नी अपनी 45 वर्षीय पत्नी रूथम्मा और दो बेटियों कांथामणि और रानी के साथ रहते थे. बेटियों की उम्र 30 और 32 साल के आसपास है. कोरोना की पहली लहर के दौरान इन लोगों ने एक पड़ोसी को मरते हुए देखा था जिसके बाद ये लोगा इतना डर गए कि खुद को अंधेरे कमरे में बंद कर लिया. 

एक पुलिस​ अधिकारी ने बताया, वॉलेंटियर्स को पता चला कि कोविड -19 के डर से तीनों महिलाएं जिनमें एक मां और दो बेटियां थीं, एक सिंगल रूम में महीनों से बंद हैं और बस उनके पिता घर से बाहर निकलते हैं.

इसके बाद पुलिस, स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम के साथ वहां पहुंची और पूरे घर की तलाशी ली.  इसके बाद तीनों महिलाओं को तुरंत अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां उन्हें मॉनिटर किया जा रहा है. 

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